Income Tax kya hai : इनकम टैक्स के प्रकार और टैक्स स्लैब [2021]

-- विज्ञापन --

क्या आप जानना चाहते हैं की Income tax क्या है? (Income Tax kya hai in Hindi). कई लोगों को इनकम टैक्स का मतलब पता होता है लेकिन उन्हें यह पता नहीं होता की Income tax क्यों वसूला जाता है। भारत में इनकम टैक्स भारत सरकार द्वारा वसूला जाता है। अलग अलग व्यक्तियों के लिए Income tax अलग अलग तरीके से वसूला जाता है। जो लोग बिजनेस करते हैं वे अपने आय का टैक्स स्लैब के अनुसार इनकम टैक्स रिटर्न (Income tax return) जमा करते हैं। जिनका सरकारी नौकरी होता है या सरकारी फंड से पैसा आता उन्हें अपने आय का कुछ भाग टैक्स के रूप में सरकार को अदा करना पड़ता है।

-- विज्ञापन --

आज इस पोस्ट में हम आपको विस्तार से बताने वाले हैं Income tax क्या होता है (Income tax kya hota hai), 2021 Income tax slab की जानकारी, Income tax क्यों वसूला जाता है, Income Tax कितने प्रकार के होते हैं। इनकम टैक्स कैसे कैलकुलेट करें?

Income Tax क्या है? Income Tax Slab [UPDATED]
-- विज्ञापन --
विषय-सूची show

इनकम टैक्स क्या है? – Income tax kya hai in Hindi

Income tax जिसे हम हिंदी में आयकर के नाम से जानते हैं। यह लोगों की आमदनी पर लगने वाला टैक्स होता है। लोगों की आमदनी में से नियत किया गया हिस्सा केंद्र सरकार को देना ही होता है। यह प्रतिवर्ष देय होता है। साधारण भाषा में बोला जाय तो Income tax (आयकर) एक ऐसा कर है जिसे आप अपनी आय या लाभ के आधार पर सरकार को सीधे Pay करते हैं।

भारत में इनकम टैक्स स्लैब का निर्धारण वित्त मंत्री द्वारा किया जाता है। यह टैक्स सरकार द्वारा उपलब्ध की जाने वाली सेवाओं जैसे पानी बिल, बिजली बिल, सड़क, सुरक्षा, परिवहन, प्रशासनिक सेवाओं पर भी लगाया जाता है और लोगों से वसूल किया जाता है। किसान या ग्रामीण जनता जो आर्थिक रूप से कमजोर होते है, उनसे कम टैक्स लिया जाता है और सब्सिडी दी जाती है।

2021-22 का Income Tax Slab क्या है? (2021-22 Income Tax Slabs)

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीताराम ने 1 फरवरी 2021 को वित्त वर्ष 2021-22 का बजट पेश किया। खास बात यह है कि आम जनता को बजट में टैक्स में कोई राहत नहीं दी गई है। पिछले वर्ष और इस वर्ष के Tax Slabs में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को टैक्स में राहत दी जाएगी। 

75 वर्ष से अधिक आयु के लोग, जिनकी आय का एकमात्र स्रोत पेंशन है, उन्हें अब आयकर रिटर्न दाखिल नहीं करना होगा। सस्ते होम लोन पर 1.5 लाख रुपये की टैक्स छूट 2022 तक जारी रहेगी। शुरुआती लोगों के लिए अच्छी खबर यह है कि 31 मार्च, 2022 तक कोई कर नहीं चुकाया जाएगा। टैक्स ऑडिट की सीमा 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दी गई है। जैसा की मैंने बताया कि Income Tax Slabs 2021 में कोई बदलाव नहीं किए गए हैं। यदि आप 2021-22 का tax slabs के बारे में जानना चाहते हैं तो आपको 2020-21 के टैक्स स्लैब पर ही नजर डालना होगा। आइए जानते हैं की हमारा पुराने वर्ष का अथवा वर्तमान Tax Slabs क्या है।

Sl. NoTaxable IncomeTaxable Rate
1.2.5 लाख तकशून्य 
2.2,50,001 से 5 लाख तकधारा 87 A के तहत ₹12,500 कर छूट के साथ आपकी कर योग्य आय पर 5% आयकर! 
3.5 लाख 1 रूपये से 7.50 लाख तक10 %
4.7, 50, 001 से 10 लाख तक15 %
5.10 लाख 1 रूपये से 12.50 लाख तक20 %
6.12, 50,001 रूपये से 15 लाख तक25 %
7.15 लाख 1 रूपये से ऊपर30 %
-- विज्ञापन --
2021 – 22 Income Tax Slabs

पुराने/मौजूदा टैक्स स्लैब के अनुसार Income tax Slab (60 वर्ष की आयु के लिए)

यहां भी 2.5 लाख रुपये की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होता है। 2.5 लाख रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक की आय पर 5 फीसदी टैक्स लगता है। 5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये के बीच की आय पर 20 प्रतिशत कर लगता है। 10 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30% कर लगता है। इस आयु वर्ग के टैक्स स्लैब में 2.5 लाख रुपये से 5 लाख रुपये की आय पर 2A के तहत टैक्स छूट भी मिलती है।

पुराने/मौजूदा टैक्स स्लैब के अनुसार Income Tax Slab (60 से 80 वर्ष के आयु वर्ग के लिए)

3 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर देय नहीं है। 3 से 5 लाख रुपये की आय पर 5% की दर से कर लगता है। 5 से 10 लाख रुपये की आय पर 20 फीसदी टैक्स लगता है। 10 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30 प्रतिशत कर लगता है। इस आयु वर्ग को 5 लाख रुपये से लेकर 6 लाख रुपये तक की आय पर 3A के तहत टैक्स छूट भी मिलती है।

पुराने/मौजूदा टैक्स स्लैब के अनुसार Income Tax Slab (80 वर्ष के आयु वर्ग के लिए)

3 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं है। पांच से एक लाख तक की आय पर 20 फीसदी टैक्स लगता है। 10 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30 प्रतिशत कर लगता है।

धारा 80C के तहत निर्दिष्ट उपकरणों में निवेश करके पुराने/मौजूदा आयकर स्लैब 1.5 लाख रुपये तक कर कटौती योग्य हो सकते हैं। इस प्रकार, कर छूट पुराने/मौजूदा आयकर स्लैब में पांच लाख तक की आय पर कोई कर नहीं लगाएगी।

साझेदारी फर्म (Partnership Firm) – किसी भी साझेदारी फर्म को अपने इनकम का 30% टैक्स देना होता है। इसके साथ साथ इसपर अधिभार लगाया जाता है। यदि वह फर्म 1 करोड़ तक की आय अर्जित करती है तो उसका अधिभार कुल आय का 12% होता है।

स्थानीय प्राधिकरण (Local Authority) – स्थानीय प्राधिकरण पर भी साझेदारी फर्म के जैसा ही टैक्स लगाया जाता है। किसी भी स्थानीय प्राधिकरण को 30% टैक्स देना होता है। यदि इनका कुल आय 1 करोड़ से अधिक हो तो इनपर भी 12% का अधिभार लगाया जाता है।

Income Tax कितने प्रकार की होती है? (Types of Income Tax in Hindi)

भारत में आम नागरिकों पर मुख्य रूप से दो प्रकार से Income Tax लगाए जाते है।

  1. प्रत्यक्ष कर (Direct Tax) – प्रत्यक्ष कर ऐसे कर को कहा जाता है जो व्यक्तियों के द्वारा सीधे भुगतान किया जाता है। यह किसी व्यक्ति के Personal Income पर लगाया जाता है। यह सिर्फ वही व्यक्ति Pay कर सकता है जिसपर यह लगाया जाता है। इस टैक्स के अंतर्गत Income tax, संपति कर अथवा कॉरपोरेट टैक्स आदि शामिल है।
  2. -- विज्ञापन --
  3. अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) – अप्रत्यक्ष कर वे कर हैं जिसके भूगतान का भार किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित किया जा सकता है। इसमें सेवा प्रदाता या निर्माता द्वारा प्रदान की गई सेवा या सामग्री के अंतिम उपयोगकर्ता को करों का हस्तांतरण शामिल है। अप्रत्यक्ष करों में जीएसटी शामिल है। जीएसटी ने अब विभिन्न अप्रत्यक्ष करों जैसे value added tax, Sell Tax, Service Tax, Luxury tax, Entertainment tax आदि आते हैं।

आयकर के उदाहरण

इन दोनों टैक्स के अलग अलग उदाहरण हैं। जिन पर हम प्रकाश डाल रहे हैं।

Salary पर लगने वाला टैक्स

यह प्रत्यक्ष कर का उदाहरण है। वे भारतीय नागरिक जिनकी आय 2.5 लाख से ज्यादा आय रखने वाले नागरिकों पर इनकम टैक्स चार्ज किया जाता है। पेशे से नौकरी करने वाले व्यक्ति की स्थिति में आपकी सैलरी से होने वाली कमाई के अतिरिक्त कुछ अन्य स्रोतों से होने वाली आय भी इनकम टैक्स के अंतर्गत आती है।

व्यवसाय मिलने वाला इनकम टैक्स

आपको शायद यह पता नही होगा की बिजनेस इनकम पर कैपिटल गेन की तरह से नियत दर से टैक्स चार्ज होता है। सट्टा व्यापार से की जाने वाली इनकम के साथ ही गैर सट्टा बिजनेस से होने वाली आमदनी इसे आप दूसरी कमाई के अंतर्गत रखा जाता है जैसे की सैलरी, किसी दूसरे बिजनेस से होने वाली कमाई, बैंक में जमा किए गए पैसे पर मिलने वाला ब्याज के अलावा किराया और अन्य चीजे शामिल की गई है। इन सभी तरह से कमाई गई इनकम को पहले जोड़ा जाता है उसके बाद कुल कमाई पर नागरिकों के टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स चार्ज किया जाता है।

अचल संपत्ति से आने वाली आय पर इनकम टैक्स

अचल संपत्ति को यदि भारत का नागरिक दो वर्ष या उससे अधिक समय के होल्डिंग पीरियड के बाद करदाता बेचने के विचार में है तो ऐसे में उसकी बिक्री से 

प्राप्त की गई कमाई लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स के अंतर्गत 

-- विज्ञापन --

आता है।वही दूसरी स्थिति में यदि प्रॉपर्टी करदाता के पास 2 वर्ष से भी कम समय तक रही है तो ऐसे में इसको बिक्री से कमाई शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन की कैटेगरी में रखा जाएगा इसी के अनुसार आयकर कैलकुलेट किया जाएगा।

share मार्केट से होने वाली आय पर इनकम टैक्स

यदि आप शेयर मार्केट से जुड़े हुए है और एक दिन से अधिक के लिए शेयर को खरीदते है तो ऐसे में आपको 

शेयर से होने वाली आमदनी के लिए आईटीआर-2 फॉर्म को भरना पड़ेगा।यदि आपकी आमदनी शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन के अंतर्गत आती है तो ऐसे में आपको 15 फीसदी टैक्स देय होगा।दूसरी ओर यदि आपकी इनकम लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन के लिए होती है तो इस स्थिति में आपको 1 लाख से ज्यादा की रकम पर 10 फीसदी टैक्स देना तय होता है।

बैंक डिपॉजिट और बॉन्ड के ब्याज से आने वाली आय पर इनकम टैक्स

भारतीय नागरिक यदि इनकम टैक्स के दायरे में नहीं है।

तो ऐसे में आपके द्वारा जमा की गई एफडी पर टीडीएस नही कटेगा। इसके अलावा आपको इसकी भी जानकारी होनी चाहिए यदि आपकी बैंक एफडी पर आपको किसी भी फाइनेंशियल ईयर में 40,000 से  अधिक की ब्याज के रूप में आमदनी होती है। तो ऐसे में टीडीएस निश्चय ही कैलकुलेट किया जायेगा यानी की टीडीएस काटा जाएगा। वही सीनियर सिटीजन के लिए इसकी लिमिट 50 रुपए नियत की  गई है।

सरकार आयकर क्यों लेती है? (Why Government collects Income Tax)

जैसा की आप जानते होंगे की सरकार की भूमिका हमे प्रशासन, न्यायपालिका और सुरक्षा आदि प्रदान करने के लिए होती है इसके अलावा मुफ्त एजुकेशन, मुफ्त मेडिकल फैसिलिटी, सड़क के अतिरिक्त बेसिक फैसिलिटी भी प्रदान करती है। इन सभी खर्चों को वहन करने के लिए सरकार को पैसों की जरूरत होती है। इतनी बड़ी धनराशि को जुटाने के लिए पैसे सरकार अपने कमाऊ सिटीजन और प्रतिष्ठानों से उपलब्ध होता है। इसे हम सामान्य भाषा में कर के नाम से जानते है।

आयकर को कैसे कैलकुलेट करते है ?

इनकम टैक्स यानी आय कर को कैलकुलेट करने के लिए ई-कैलकुलेटर  जारी किया गया है। इसके माध्यम से आप अपनी सालाना (yearly) सैलेरी पर टैक्स को कैलकुलेट कर सकेंगे। यह कैलकुलेटर Bajajfinserv की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। इस कैलकुलेटर की खासियत यह भी है की इसमें सभी तरह के टैक्स कैलकुलेट करने के सभी ऑप्शन मौजूद है।

आयकर में छूट कब मिलता है?

आपकी जानकारी के लिए बता दे की दस लाख रुपए से अधिक आमदनी करने पर 30 फीसद टैक्स नियत किया गया है। पुराने / मौजूदा आयकर स्लैब में सेक्शन 80सी के अंर्तगत निर्दिष्ट इंस्ट्रूमेंट में इन्वेस्ट करके अधिक से अधिक 1.5 लाख रुपए तक की छूट का बैनेफिट्स प्राप्त किया जा सकता है। इस प्रकार की छूट प्राप्त मिलने से पुराने /मौजूदा आयकर स्लैब में भी पांच लाख तक की इनकम पर कोई टैक्स देनदारी के लिए उत्तरदाई नहीं होगा।

Income Tax Return कैसे जमा करें?

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से अपनी एक वेबसाइट में सहज तरीका बताया गया है। नीचे स्टेप बाय स्टेप तरीका बताया गया है।

Step1: सबसे पहले आपको इसकी आधिकारिक वेबसाइट http://www.tin-nsdl.com पर लॉग इन किया जाता हैआपको होम पेज पर service सेक्शन में जाकर e-payment : Pay Taxes Online पर महज क्लिक करना होता है।

Step-2: इसके बाद इस ओपन हुए नेक्स्ट पेज पर आपको ITNS 280, ITNS 281, ITNS 282, ITNS 283, ITNS 284 अथवा Form 26 QB demand payment इनमे से आप अपनी आवश्यकतानुसार ऑप्शन को सिलेक्ट करके proceed किया जाता है। 

Step 3: इसके आगे की प्रक्रिया में आपको PAN/TAN और दूसरी आवश्यक चलान संबधी डिटेल दर्ज करनी होती है जिनमे पेमेंट, टैक्स पेयर का एड्रेस के साथ ही बैंक डिटेल दर्ज करनी होती है।

-- विज्ञापन --

Step 4: अंत में आप से डाटा दर्ज करने के बाद एक कन्फर्मेशन स्क्रीन आपको नजर आती है। यदि आपने पैन या टैन वैलिड होता है। इसके बाद टैक्सपेयर का नाम कन्फर्मेशन स्क्रीन पर अपने आप आ जाता है।

Step 5: इस प्रकार आपके द्वारा दर्ज की गई डाटा कन्फर्म होते ही आपको बैंक की नेट बैंकिंग साइट पर Redirect किया जाता है।

Step 6: प्रदेश के नागरिकों को यहां पर टैक्स पेयर को  नेट बैंकिंग साइट बैंकिंग साइट को यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉग इन किया जाता है। इसके बाद आपको पेमेंट संबधी जानकारी डालनी होती है इसी के जरिए भुगतान पेमेंट करना होता है।

Step 7: यदि आपकी सफलतापूर्वक पेमेंट हो जानी की स्थिति में एक चलान अपने सामने स्क्रीन से दिखाई देगा। इसके अंतर्गत आपको CIN, पेमेंट से संबंधित डिटेल और जिस किसी बैंक से ई-पेमेंट किया गया है.

FAQs Related to Income Tax Kya hai

ये भी पढ़ें:

What is Income Tax in Hindi,

इस पोस्ट में मैने बताया कि Income tax kya hai in Hindi. साथ ही इस पोस्ट में मैने 2021 -22  Income Tax Slabs के बारे में भी बताया। इसके साथ टैक्स के विभिन्न प्रकार और इसके कई उदाहरण तथा Tax जमा करने के बारे में भी बताया। आशा करता हूं आपके लिए यह जानकारी हेल्पफुल होगी। 

यदि आपको यह पोस्ट पसंद आया हो तो इसे अन्य लोगों के साथ जरूर शेयर करें। यदि आपको इस पोस्ट (Income Tax क्या है) से जुड़ा कोई सवाल पूछना तो आप हमें कॉमेंट करके बता सकते हैं।

-- विज्ञापन --
Share on:

Leave a Comment